वैज्ञानिकों ने खोजा बुढ़ापा लाने वाला जीन और इसे रोकने की प्रक्रिया अब नहीं फटकेगा बुढ़ापा, खुलकर बोलें-अभी तो मैं जवान हूं


जवानी नींद भर सोया
और बुढ़ापा देख कर रोया। लेकिन
अब बुढ़ापा आपको छू भी नहीं पाए
और आप खुलकर बोल सकेंगे कि
अभी तो मैं जवान हूं। जी हां,
वैज्ञानिकों ने उस जीन की खोज कर
ली है तो कि शरीर में बढ़ापा लाता
है। साथ ही वैज्ञानिकों ने उस प्रक्रिया
का भी सफलतापूर्वक परीक्षण कर
लिया है जिसके द्वारा शरीर में बुढ़ापे
को धीमा कर दिया जाएगा। स्टेम
सेल मैग्जीन में प्रकाशित वैज्ञानिकों
की इस नवीन खोज से जल्द ही बड़े
बदलाव आने की उम्मीद है।
सेल्युलर रीप्रोग्रामिंग से होगा
कायाकल्पः यूनिवर्सिटी ऑफ
विस्कॉन्सिन के डॉ. वॉन ज ली के
अनुसार बुढ़ापा दरअसल
मैनसेक्यमाल स्टेम सेल (एमएससी)
की गतिविधियों और कार्यप्रणाली में
आने वाली कमी होती है। अब नए
शोध से एमएससी के दवाओं और
अन्य उपचार के माध्यम से बुढ़ापे को
किया जा सकेगा। इसके लिए
सेल्युलर (कोशिका) रीप्रोग्रामिंग
की जाएगी।
मैनसेक्यमाल
स्टेम सेल का
दवाओं और
उपचार से
सेल्युलर
रीप्रोग्रामिंग की
जाएगी।
शरीर के जोड़ों में छिपा है राज: घुटनों व कोहनी के सनोविअल फ्लूड से एमएससी को रीप्रोग्राम कर प्लूरीपोटेंट स्टेम सेल (पीएसएस) में डाल देते हैं। फिर पीएसएस में युवा हुए स्टेम सेल को एमएससी में डाल
दिया जाता है। रीप्रोग्रान्ड एमएससी से उम्र बढ़ाने की प्रकिया धीमी होती है।
इस प्रकार खोजा बुढापे का जीन
वैज्ञानिकों ने जीएटीए6 को पहचाना
जो कि हमारे दिल, आंत और
फेफड़ों के विकास में सहायक होता
है। वैज्ञानिकों ने शोध के जरिए
शरीर में उम्र बढ़ने के लिए
जिम्मेदार जीन की खोज की जिसे
जीएटीए4/एएचएच/एफओएक्स1
जीन का नाम दिया गया। डॉ.ली के
अनुसार अब वैज्ञानिक इस जीन को
रीप्रोग्राम करना जानते हैं।
इजरायली वैज्ञानिकों ने बदले गुणसूत्र
मानव शरीर में बुढ़ापे की प्रक्रिया
को धीमा करने की दिशा में हाल
में इजरायली वैज्ञानिकों ने दूसरी
प्रक्रिया का सहारा लिया। उन्होंने
मानव गुणसूत्रों (क्रोमोसोम्स) के
सिरों पर मौजूद टेलोमेयर की
लंबाई को कम कर दिया। इन
वैज्ञानिको का दावा है कि
गुणसूत्रों के सिरों पर बुढ़ापा
लाने वाले जीन होते हैं।

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